APSA-80 में विशेष तत्व---'नान आयनिक सर्फेक्टेँट्स' होते है जो पानी की सतही तनाव तोड़ होते है। ये तत्व पत्ते की सतह पर पानी और मोम (चिकनेपन) को एक साथ खीँचकर पानी की बूँद में बदलने की प्रक्रिया पर अंकुश लगाते है, यानी कि पानी की सतह पर तनाव को कम करके पानी की बुंदो को फैला देते है। जब कीटनाशक छिङकाव मेँ इस्तेमाल किया पानी ज्यादा इकसार ढंग से फैलता है तो कीटनाशक का फैलाव भी कहीं अधिक बेहतर रहता है। APSA-80 मिलाने से कीटनाशक, निष्पत्रक तथा पर्णीय उर्वरक पत्ते की सतह में गहरे तक और ज्यादा इकसार तरीके से पहुँचते है।
Monday, May 9, 2011
विशेषताएँ :-
1. APSA-80 कीटनाशकों की कार्यशीलता बढ़ाकर बेहतर कीट नियंत्रण मेँ मदद करता है, जिससे किसानों को अपनी फसलों की पैदावार में बढ़ोत्तरी लाने का सुनहरा मौका मिलता है।
2. APSA-80 कम जल संसाधन का बेहतर उपयोग निश्चित करता है। यह एक ऐसा कार्यशीलता वर्धक है जो कि बेहतर उपज के लिए जल के फैलाव व भीतर जाने की क्षमता को बढ़ा देता है।
3. सिंचाई सहायक की रूप में यह मिट्टी के पानी चूसने की दर बढ़ाकर न सिर्फ वाष्पीकरण से हुई हानि को घटाता है साथ ही पानी के बहने से हुए नुकसान को भी घटाता है। इससे सिंचाई के जल का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होता है। जिससे एक और जहाँ पुष्ट पैदावार होती है, वही पानी, बिजली और समय की बचत होती है।
4. इसका जंगरोधी फार्मुला धातु के पम्प, टैंक और उपकरणों को जंग लगने से बचाता है। यह छिड़काव करने वाले यंत्र को साफ - स्वच्छ रखने में मदद करता है जिससे समय की बचत होती है।
5. APSA-80 की निर्देशित मात्रा मिलाने से पाउडर और तैलीय कीटनाशक को पानी में घोलने में आसानी होती है और इनके न घुलने और तैरते रहने की परेशानी खत्म होती है ।
6. यह बायोडिग्रेडेबल है ।
APSA-80 कैसे उपयोग करें?
कीटनाशक/फफूँदीनाशक/पर्णीय उर्वरक/निष्पत्रकोँ के साथ
1.कीटनाशक/फफूँदीनाशक/पर्णीय उर्वरक/निष्पत्रक की पानी के साथ घोल बनाएँ। उत्पादक के निर्देशो का पालन करेँ।
2. कीटनाशक/फफूंदीनाशक/पर्णीय उर्वरक/निष्पत्रक के प्रति 15 ली. घोल मेँ 5 मि.ली.(1/4 ढक्कन) APSA-80 मिलाएँ।
3. फसल पर सामान्य रूप से छिड़केँ
उगमन उपरान्त खरपतवारनाशक के साथ
1. छिड़काव टंकी में उगमन उपरान्त खरपतवारनाशक का पानी के साथ घोल बनाएँ।
उत्पादक के निर्देशो का पालन करेँ।
2. उगमन उपरान्त खरपतवारनाशक के प्रति 15 ली. घोल में 20 मि.ली. (1 ढक्कन) APSA-80 मिलाएँ।
3. फसल पर सामान्य रूप से छिड़काव करें
सिंचाई सहायक के रूप में उपयोग के लिए
1. एक एकड़ में छिड़काव के लिए 180 ली. पानी में 160 मि.ली. (8 ढक्कन) APSA-80 मिलाएँ। इस घोल को बनाने के लिए 15 ली. के बारह स्प्रे टैँको की जरूरत पड़ेगी (या एक ही टैंक का बारह बार उपयोग करें)। अब इस 15 ली. पानी के टैंक में 13 मि.ली. APSA-80 मिलाएँ। इस तरह आपका घोल तैयार हो गया। इस टैंक को छिङकने के लिए एक एकड़ खेत को 12 भाग में बाँट ले तथा हर भाग में एक पूरे टैंक की छिङकाव कर दे। अगर एक एकड़ में 180 ली. से अधिक पानी की उपयोग करना हो तब भी APSA-80 की मात्रा 160 मि.ली. प्रति एकड़ रहेगी।
2. सिंचाई से बारह घंटे पहले और APSA-80 के इस घोल को मिट्टी पर सीधा छिङक दे।
3. अब सिंचाई करें और देखे की पानी में सिर्फ अधिक भीतर तक जाता है बल्कि बेहतर फैलता भी है।
4. उपर्लिखित APSA-80 का छिङकाव लगभग 4 हफ्ते तक प्रभावी रहेगा। 4 हफ्ते बाद सिंचाई के लिए फिर से उपर्लिखित क्रिया दोहराएँ
APSA-80 से लाभ :-
भारतीय परीक्षणो के अनुसार APSA-80 पर एक रुपया खर्च करने पर 13 रुपये से लेकर 64 रुपये तक की वापसी पायी गई है।
उदाहरण :-
जब गन्ने की खेती में IPFT ने सिर्फ मेलाथियान का प्रयोग किया तो उपज 592 क्विँटल/हेक्टेयर थी लेकिन मेलाथियान के साथ APSA-80 के इस्तेमाल से उपज 644 क्विँटल/हेक्टेयर हो गई । यानी उपज में 52क्विँटल/हेक्टेयर की बढ़ोत्तरी। सरकारी खरीद के हिसाब से ये हुए तकरीबन 4134 रु जबकि इस खेती में इस बढ़त के पाने में APSA-80 पर खर्चा बनता है कुल 173 रु प्रति हैक्टेयर(एक हैक्टेयर पर दो बार छिङकाव के लिए तकरीबन 296 मि.ली. APSA-80 की जरूरत पड़ती है। जिसकी कीमत तकरीबन 173रु बनती है।) अगर हिसाब लगाया जाए तो APSA-80 पर 1रु लगाने पर 23रु वापस।
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